रैम का आविष्कार किसने किया था 2024

रम का आविष्कार किसने किया था?

दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि जिस रैम का इस्तेमाल हम रोज़ करते हैं, उसका आविष्कार किसने किया था? रैम यानी रैंडम एक्सेस मेमोरी हमारे कंप्यूटर और मोबाइल का एक बहुत ही अहम हिस्सा है। बिना रैम के ये डिवाइस ठीक से काम नहीं कर सकते। चलिए आज हम रैम के इतिहास और आविष्कार के बारे में जानेंगे।

1950 का दशक…

मेरे दोस्तो, रैम का आविष्कार 1950 के दशक में हुआ था। उस वक्त कंप्यूटर एक बहुत बड़ा और जटिल मशीन हुआ करता था। उसमें आज के फोन की तरह छोटी-छोटी चीज़ें नहीं होती थीं।

कंप्यूटर को बनाने में कई वैज्ञानिकों ने अपना योगदान दिया। उनमें से एक थे अन वांग। अन वांग ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और फिर आईबीएम (IBM) में काम करने लगे।

उन्होंने 1950 के दशक में फेरोइलेक्ट्रिक रैम का आविष्कार किया। यानी वो ही पहले रैम को बनाने वाले वैज्ञानिक थे।

रैम क्या होती है?

अब सवाल ये उठता है कि रैम या रैंडम एक्सेस मेमोरी क्या होती है?

दोस्तो, रैम कंप्यूटर की एक तरह की मेमोरी होती है। लेकिन ये सामान्य मेमोरी जैसी नहीं होती। इसमें कंप्यूटर को डेटा और प्रोग्राम्स को बहुत तेज़ी से एक्सेस करने दिया जाता है।

आम मेमोरी, जैसे हार्ड डिस्क में डेटा को स्टोर करने में टाइम लगता है। लेकिन रैम में माइक्रोसेकंड्स में ही डेटा एक्सेस हो जाता है। इसलिए कंप्यूटर और फोन इतने तेज़ काम कर पाते हैं।

कैसे काम करती है रैम?

रैम में डेटा को इलेक्ट्रिक सर्किट में स्टोर किया जाता है। इन सर्किट्स में मैग्नेटिक मटेरियल का इस्तेमाल होता है। जब भी कंप्यूटर को कोई डेटा चाहिए होता है, वो रैम से माइक्रोसेकंड में उसे प्राप्त कर लेता है।

इससे पहले वैक्यूम ट्यूब्स और मर्करी डिले लाइन्स जैसी मेमोरी का इस्तेमाल होता था, जो बहुत धीमी थीं। रैम ने कंप्यूटर की स्पीड और परफॉर्मेंस को काफी बढ़ा दिया।

रैम की क्रांति

अन वांग के रैम के आविष्कार ने कंप्यूटर दुनिया में एक क्रांति ला दी। अब कंप्यूटर पहले से कहीं ज्यादा तेज़ और शक्तिशाली हो गए थे।

आज कल हम जितनी भी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, उसके पीछे रैम की भूमिका अहम है। चाहे वो हमारे फोन हों या कंप्यूटर, सबमें रैम का योगदान निहित है।

आज के रैम चिप्स में फ्लैश मेमोरी का भी इस्तेमाल होने लगा है। लेकिन रैम की नींव अन वांग ने रखी थी। उनके बिना शायद हम आज इतनी तेज़ तकनीक का आनंद नहीं ले पाते।

कुछ रोचक तथ्य रैम के बारे में:

  • पहला कम्प्यूटर जिसमें रैम लगी थी, वो आईबीएम 704 था। ये 1956 में लॉन्च हुआ था।

-1970 के दशक तक रैम का मूल्य बहुत ज्यादा था। 1 किलोबाइट रैम के लिए $1 मिलियन चार्ज किया जाता था!

-आज के कंप्यूटरों में जितनी रैम होती है, उसे जीबी में मापा जाता है। लेकिन 1950 में ये किलोबाइट्स में मापी जाती थी।

-आज भी रैम की कीमतें अच्छी खासी ऊँची हैं। 8 जीबी डीडीआर4 रैम की कीमत ₹3500 से लेकर ₹5000 तक होती है।

रैम की भविष्य की संभावनाएं

दोस्तों, हमने अब तक रैम के बारे में इतना कुछ जान लिया है। लेकिन आइए थोड़ा भविष्य की ओर भी नज़र डालते हैं। आने वाले समय में रैम टेक्नोलॉजी में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं?

  • पहली बात तो ये कि रैम की क्षमता और रफ्तार में और वृद्धि होगी। 128 जीबी, 256 जीबी जैसी रैम आम बात हो जाएगी।
  • दूसरा, रैम का साइज और छोटा होता जाएगा। नैनोटेक्नोलॉजी की मदद से रैम बनाई जा सकेगी।
  • नई तरह की मटेरियल्स जैसे ग्राफीन, कार्बन नैनोट्यूब आदि से भी रैम बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ये रैम को और भी फास्ट बना सकती है।
  • भविष्य में होलोग्राफिक रैम भी संभव है जो कि तीन डायमेंशनल होगी और डेटा स्टोरेज क्षमता को कई गुना बढ़ा सकती है।
  • इतने बड़े डेटा को प्रोसेस करने के लिए क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीक की भी ज़रूरत पड़ेगी।
  • एआई और मशीन लर्निंग के लिए भी बेहतर रैम की ज़रूरत होगी जो इन्हें और अधिक शक्तिशाली बनाएगी।

इस तरह आने वाले समय में हम रैम टेक्नोलॉजी में काफी उन्नति देख सकते हैं। ये हमारे लिए एक बेहतर और तेज़ दुनिया तैयार करेगी। आइए इसका स्वागत करते हैं!

रैम से जुड़े कुछ मजेदार फैक्ट्स

दोस्तों, अंत में हम रैम से जुड़े कुछ मजेदार तथ्यों पर भी नज़र डाल लेते हैं:

  • दुनिया की सबसे बड़ी रैम 168 जीबी थी, जिसे साल 2019 में बनाया गया था। लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सका क्योंकि इतनी बड़ी रैम को एक मदरबोर्ड पर फिट करना मुश्किल था!
  • दुनिया का सबसे छोटा रैम चिप 0.15mm x 0.15mm का था। इसे IBM ने 2015 में बनाया था।
  • एक अनुमान के मुताबिक 2040 तक दुनिया की रैम ज़रूरत 1.1 जेटाबाइट होगी! यानि 1000 बिलियन गीगाबाइट से भी ज्यादा।
  • मशहूर गेम फ्रीसेल को बनाने वाली कंपनी ने कस्टम डिज़ाइन 64 जीबी रैम बनवाई थी!

उम्मीद करता हूँ दोस्तो आपको रैम के बारे में ये रोचक जानकारी पसंद आई होगी। अगर आपके पास भी कोई ऐसा फैक्ट है जो आप शेयर करना चाहते हैं तो ज़रूर बताइएगा!

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